Labels

Friday, December 6, 2013

MUSKAN




मुस्कान  की कोई कीमत नहीं होती , मगर  यह बहुत कुछ रचती है ।

यह  पाने वाले को खुशहाल करती है ,

देने वाले का कुछ घटता नहीं  ।

यह क्षणिक होती है ,

लेकिन यादों  में सदा के लिए रह सकती है।

कोई इतना अमीर  नहीं कि इसके बगैर काम चला ले  ,

और कोई इतना गरीब नहीं कि इसके फायदों को न पा सके  ।

यह घर में खुशहाली लाती है , व्यवहार में ख्याति बढ़ाती है ,

यह मित्रता की पहचान है।

यह थके हुओं के लिए आराम है , 

निराश लोगों के लिए रोशनी ,

उदास के लिए सुनहरी धूप 

हर मुश्किल के लिए कुदरत की  सबसे अच्छी दवा। 

तब भी न तो यह भीख में , न खरीदने से ,

न उधार माँगने से और न चुराने से मिलती है।

क्योंकि यह ऐसी चीज़ है जो तब तक किसी काम की नहीं ,

जब तक आप इसे किसी को दे न दें। 

दिन भर की  भाग-दौड़ में , कुछ परिचित हो सकते हैं

इतने थके हों कि मुस्करा न सके। 

तो उन्हें अपनी ही मुस्कान दीजिये। 


किसी को मुस्कान की इतनी ज़रुरत नहीं होती 

जितनी कि उसे , जो खुद किसी को अपनी मुस्कान न दे सके। 



-ब्र्ह्मा कुमारी के पोस्टर से साभार