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Monday, February 24, 2025

अन्यथा, सब मिथ्या है

_______*अन्यथा, सब मिथ्या है*____


जब ऑंसू

मेरी आँख में 

आए 

और तुम 

मेरे अश्रुओं को

गिरने से 

पहले ही 

रोक दो

तो रिश्ता सच्चा है 

अन्यथा 

सब मिथ्या है।

जब तुम्हें ज़रूरत ना हो 

मेरे शब्दों की

मेरे बोले बिना ही 

तुम मुझे 

सही

समझ जाओ तो 

रिश्ता सच्चा है 

अन्यथा, सब मिथ्या है।

रिश्ता चाहे 

ख़ून का हो

चाहे हो सगा 

या हो रिश्ता 

सिर्फ़ प्रेम का

जब हम साथ हँसे 

और साथ में रोये 

तो ही

रिश्ता सच्चा है 

अन्यथा, सब मिथ्या है।

जब एक पुकार पे ही

तुम

आ जाओ 

तो रिश्ता सच्चा है

अन्यथा, सब मिथ्या है।

जब तुम्हें 

मेरा आना

महज एक औपचारिकता 

निभाना ही ना लगे

तो रिश्ता सच्चा है 

अन्यथा, सब मिथ्या है।

 - मधुकान्ता श्रृंगी